कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों ने नवजोत सिंह सिद्धू को रोका, लुधियाना में दिखाये काले झंडे

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष का महत्‍वपूर्ण पद पाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को लुधियाना के भगत सिंह मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसान संगठन ने कांग्रेस पॉर्टी पर आरोप लगाए कि 2017 के चुनाव से पहले झूठे वादे करने के बाद किसानों के लिए पिछले तीन साल में कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने सिद्धू पर अध्‍यक्ष का पद मिलने के बाद ड्रामा करने का भी आरोप लगाया है। ऑन-ग्राउंड विजुअल्‍स में प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ उन्‍हें काले झंडे दिखाते हुए दिखाई दे रही है।


विरोध प्रदर्शन करने वाले किसान भारतीय जनता पॅार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, अब पंजाब की सत्‍तारूढ़ पॉर्टी कांग्रेस को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई कार्यक्रम के दौरान हिंसक आक्रोश के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खटटर सहित बीजेपी के कई मंत्रियों को भी रोका है।

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पॅार्टी में एक बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल चल रही थी और इसी के चलते कांग्रेस पॅार्टी को अंतिम निर्णय लेना था। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह और बागी नवजोत सिंह सिद्धू का विवाद उस स्‍तर तक पहुंच गया था जहां एक ठोस कदम की सख्‍त जरूरत थी।


28 मई को कांग्रेस की अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले को सुलझाने के लिए राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, दिल्‍ली के पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल और पंजाब के प्रभारी और कांग्रेस के महासचिव हरीश रावत की एक समिति का गठन किया था। पिछले महीने से पैनल ने 2022 विधानसभा चुनाव के पहले विधायकों, मंत्रियों और सीएम से उनके विचारों का पता लगाने के लिए मुलाकात की है। जबकि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कई मौकों पर यह कहा है कि सोनिया गांधी जो भी फैसला लेगीं वो उसका सम्‍मान करेंगे, अभी तक के सिद्धू के अध्‍यक्ष बनने पर उन्‍होंने कोई प्र‍तिक्रिया नहीं दी है।


अंतत 18 जुलाई को कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया है और साथ में राज्‍य की पॅार्टी इकाई में कई दिनों से चल रहीं खीचतान को भी खत्‍म किया।


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