कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह के बीच के मनमुटाव का अभी तक कोई भी हल नहीं निकल पाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के महासचिव और पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि वो मिलकर काम करेंगे, कैप्टन अमरिंदर सिंह 4.5 साल से राज्य के मुख्यमंत्री है और हम उन्हीं के नेतृत्व में 2022 का पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने संकेत दिए है कि नवजोत सिंह सिध्दू
को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री
सुखजिंदर सिंह के घर पर बैठक हुई, इस बैठक में पंजाब के 2 मंत्री
और 3 विधायक शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक इन मंत्रियों और विधायकों ने नवजोत
सिंह सिध्दू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की मांग की है।
पंजाब कांग्रेस में घमासान
नवजोत सिंह सिध्दू लगातार पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री
कैप्टन अमरिंदर सिंह को गुरू ग्रंथ साहिब में अपवित्रता की घटना में न्याय मिलने
में देरी और पुलिस द्वारा की गई फायरिंग की घटना पर हमले कर रहे है। हांलाकि नवजोत
सिंह सिध्दू और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 17 मॉर्च 2021 को मुलाकात करके एक साथ चाय
पी और अपने मनमुटाव को दुर करने की कोशिश की थी। इन दोनों के संबंध बद से बदतर तब
हो गए जब 9 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा कोर्ट ने फायरिंग की घटना में एसआईटी से
जांच कराने से मना कर दिया था।
नवजोत सिंह सिध्दू के हमलों पर खामोशी तोड़ते
हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा अगर उनकी हिम्मत है तो वो पटियाला से चुनाव
लड़के दिखाये उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि
नवजोत सिंह सिध्दू दुसरी पार्टी में शामिल होना चाहते है। पंजाब कांग्रेस में
गुटबाजी को खत्म करने के लिए कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 28 मई को एक
कमेटी बनाई थी जिसमें कांग्रेस के राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, दिल्ली के पूर्व सांसद जीपी अग्रवाल और कांग्रेस के महासचिव
और पंजाब के प्रभारी हरीश रावत शामिल थे।
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के पैनल ने पिछले
महीने विधायकों, मंत्रियों और सीएम से उनके विचारों का पता लगाने के लिए मुलाकात की है।
हालांकि, सिद्धू को मनाने के प्रयास उस समय विफल हो गए जब सिद्दू ने 20 जून को कई साक्षात्कारों
में पंजाब सरकार पर निशाना साधा। अमरिंदर सिंह और बादल पर परोक्ष रूप से कटाक्ष
करते हुए सिद्दू ने कहा कि 2 परिवारों ने पंजाब को नियंत्रित
करके अपने निहित स्वार्थों के लिए राज्य के हितों को खत्म किया है। 6 जुलाई को सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष पंजाब पर जो भी फैसला लेंगी, हम
उसे स्वीकार करेंगे.