राम मंदिर जमीन घोटले के मामले में शनिवार को आम आदमी पॉर्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा है कि अभी तक अपराधियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है और राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय और डॉ.अनिल मिश्रा के ऊपर भी एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुई है। इस मामले को लेकर संजय सिंह कोर्ट भी जा सकते है। आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के ऊपर कीमत से ज्यादा जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे, हलांकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आरोपों का खंडन किया था।
सूत्रों के अनुसार चित्रकूट
में हुए आरएसएस प्रचारकों के वार्षिक सम्मेंलन में चंपत राय को राम जन्मभूमि ट्रस्ट
के अध्यक्ष के पद से हटाने का तय किया गया है और डॉ.अनिल मिश्रा आरएसएस संगठन में
काम कर सकते है। आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जल्द ही अयोध्या आ सकते है और
वो ही राम मंदिर निर्माण की आगे की कार्यप्रणाली पर निर्णय लेंगे। घोटाले के आरोप के
चलते राम जन्मभूमि ट्रस्ट अब कोई भी नई जमीन नहीं खरीद रहा है।
13 जून को आम आदमी पॉर्टी के
राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने चंपत
राय और डॉ.अनिल मिश्रा के उपर राम जन्मभूमि परिसर के लिए 2 करोड़ की जमीन बाजार की
कीमत से ज्यादा 18.5 करोड़ में खरीदने के आरोप लगाए थे। इन दोनों ने आरोप लगाए थे
कि इस साल 18 मॅार्च को राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या जिले के सदर तहसील के बैगबैसि
गांव में 1.208 हेक्टयर जमीन 18.50 करोड़ में खरीदी थी लेकिन वही जमीन 10 मिनट पहले
राम जन्मभूमि ट्रस्ट को जमीन बेचने वाले शख्स ने इसके मालिक से मात्र 2 करोड़ में
खरीदी थी। इस खरीद में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए इन दोनों ने सीबीआई और
प्रर्वतन निदेशालय से जांच की अपील की थी।
इन आरोपों का खंडन करते हुए
राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने कहा कि हमने 1.208 हेक्टयर जमीन 14,23 स्क्वायर फीट की कीमत में
असल बाजार की कीमत से बहुत सस्ती जमीन खरीदी है। 2011 से कई बार इस जमीन का एग्रीमेंट
हुआ लेकिन जमीन कभी बेची नहीं गई, पिछले एग्रीमेंट की कीमत पर ही यह जमीन पूरी पारदर्शिता के
साथ ऑनलाईन बैकिंग के माध्यम से खरीदी गई है। बीजेपी ने इस पर कहा था कि यह आरोप राम
मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए लगाए गए है।