कर्नाटक में नेतृत्व में बदलाव की खबरों का खंडन करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया और न ही कर्नाटक में मुख्यमंत्री के पद में बदलाव हुआ है।
आज बी.एस.येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में उनके निवास 7 लोक कल्याण मार्ग में मुलाकात कर मेकेदातु बांध पर चर्चा करके केंद्र की मंजूरी मांगी। इस प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह से भी मुलाकात करेंगे। बीजेपी के कई विधायक बी.एस.येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद से हटाना चाहते थे, लेकिन हाईकमान उन्हें अगले चुनाव तक मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहता है।
मेकेदातु बांध पर झगड़ा
मेकेदातु बांध पर कर्नाटक और तमिलनाडु के झगड़े के
बीच मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा आज दिल्ली पहुंचे। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच
का यह विवाद बहुत पुराना है और तमिलनाडु के द्वारा अपत्ति दर्ज कराने के बाबजूद कर्नाटक के द्वारा इस प्रोजेक्ट को तेजी से कराने के इशारे देने पर पिछले कुछ
दिनों से यह विवाद और गर्मा गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा के
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहले ही तमिलनाडु की सभी बड़ी पार्टियों ने (बीजेपी
को छोड़कर) इस प्रोजेक्ट का विरोध किया और जल्द ही वो इस प्रोजेक्ट को रूकवाने के
लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
तमिलनाडु यह कहते हुए इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहा है कि इस प्रोजेक्ट से कावेरी नदी के पानी का प्रवाह प्रभावित और नियंत्रित होगा। तमिलनाडु ने यह भी कहा कि कर्नाटक की सरकार के इस प्रोजेक्ट से कावेरी नदी का तमिलनाडु में एकमात्र प्रवाह भी रूक जाएगा और इस प्रोजेक्ट से किसानों का भी भविष्य बर्बाद हो जाएगा। वही कर्नाटक की सरकार ने 9000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से राज्य की पानी की समस्या दूर हो जाएगी और इससे तमिलनाडु में कावेरी का प्रवाह भी नहीं रूकेगा और कावेरी ट्रिब्यूनल के तहत दोनों राज्यों की बीच जल का बटबारा भी होगा।