गोवा विधानसभा चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल ने फूंका बिगुल, 87 प्रतिशत गोवावासियों को फ्री में बिजली देना का किया वादा

बुधवार को 2022 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल फूंकते हुए आम आदमी पार्टी के अध्‍यक्ष अरविंद केजरीवाल ने गोवावासियों से 4 बड़े वादे किए हैं। उन्‍होंने हर परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना का वादा किया है। कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने यही वादा पंजाब और उत्‍तराखण्‍ड के लोगों से भी किया था। पणजी में रैली करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज उन हजारों लोगों के पास एक विकल्‍प है जिनकों कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने धोखा दिया है। मंगलवार को महाराष्‍ट्रवादी गोमंतक पार्टी के सुदीन धवलीकर से मुलाकात करके उन्‍होंने महाराष्‍ट्रवादी गोमंतक पार्टी से गठबंधन करने के भी संकेत दिए।


दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा गोवा की राजनीति बहुत ज्‍यादा खराब और भ्रष्‍टाचार से लिप्‍त हो गई है। 2 साल पहले 10 जुलाई को कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे, गोवा की जनता ने कांग्रेस को बहुमत दिया था लेकिन सरकार बीजेपी की बनी थी। जिस पार्टी के पास 13 विधायक थे आज उसके पास 28 विधायक हो गए और जिसके पास 17 विधायक थे आज उसके पास सिर्फ 5 विधायक बचे है।


बिजली से संबंधित आप की 4 घोषणा:

1. हर परिवार को महीने में 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और इससे गोवा के 87 प्रतिशत गोवावासियों को फ्री में बिजली मिलेगी।

2.   सभी पुराने और बकाया बिल माफ कर दिए जाएगे।

3.   24/7 बिजली की आपूर्त‍ि की जाएगी।

4.   किसानों को फ्री में बिजली मिलेगी।

गोवा का राजनीतिक परिदृश्‍य

2017 के गोवा विधानसभा चुनावों में बीजेपी को अपने सबसे बड़े नेता मनो‍हर पर्रिकर की गैरमैजूदगी में बहुत नुकसान हुआ और उन्‍हें सिर्फ 13 सीट मिली जबकी इसके विपरीत कांग्रेस को 17 सीट मिली थी और यहा तक कि उस समय के मुख्‍यमंत्री सीएम लक्ष्‍मीकांत अपनी सीट त‍क नहीं बचा पाए थे। ऐसी परिस्थितियों में दोनों मुख्‍य पार्टियों में से किसी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला था और ऐसे में महाराष्‍ट्रवादी गोमंतक पार्टी (3) गोवा फॉरवर्ड पार्टी (3), र्निदलीय (3) और एनसीपी के एक विधायक का रोल बहुत अहम बन गया था। ऐसी परिस्थितियों में सबको चकित करते हुए बीजेपी ने महाराष्‍ट्रवादी गोमंतक पार्टी के 3, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के 3, र्निदलीय के 3 और एनसीपी के एक विधायक के समर्थन से अपनी सरकार बना ली थी। मनो‍हर पर्रिकर रक्षामंत्री के पद से इस्‍तीफा देते हुए इस गठबंधन वाली सरकार के मुख्‍यमंत्री बने थे। हालांकि 17 मार्च 2019 को मनो‍हर पर्रिकर का निधन हो गया और इसी चलते उस के समय के विधानसभा के स्‍पीकर प्रमोद सावंत को मुख्‍यमंत्री की गद्दी में बैठाया गया था।

 

 

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